पार्टी के लक्ष्य

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1. प्रशासन (सरकारी अधिकारियों और बाबुओं का तंत्र) को पूरी तरह से शासन (जनता द्वारा चुनी सरकार) के अधीन लाना, जिससे कि उनसे जनहित के कार्य करवाए जा सकें क्यूंकि जनता के प्रति जवाबदेह तो शासन का होता है प्रशासन को जनता के सुख दुःख से कोई खास सरोकार नहीं होता।

2. जमीन जायदाद से जुड़े मामलों के लिए अलग फ़ास्ट ट्रैक बनवाई जाएगी और युद्धस्तर पर इन विवादों का निपटारा किया जाएगा।

3. शिक्षा को पूर्णतः निःशुल्क कर दिया जाएगा l प्राइमरी से लेकर स्नातक तक शिक्षा पूर्णतः निःशुल्क होगी।

व्यावसायिक शिक्षा के कोर्सों जैसे (MBA, MBBS, LLB आदि) में भी उन विद्यार्थियों की शिक्षा निःशुल्क होगी जो 70% से अधिक नंबर से उत्तीर्ण करेंगे।

• गुरुकुल पद्धति के विद्यालय विश्वविद्यालय खोले जायेंगे।

• भारतीय इतिहास तथा अन्य साहित्यों में सुधार किया जाएगा।

4. हर स्नातक उत्तीर्ण युवक/युवती को “रोजगार का अधिकार” प्रदान किया जाएगा।

5. हर व्यक्ति को आधार कार्ड पर रु० 3 लाख का ऋण दिया जाएगा, जो कि पहले 6 माह तह ब्याज मुक्त रहेगा।

6. प्रदेश के हर जिले में नये मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे और वहां जीवनोपयोगी दवाएं मुफ्त दी जाएँगी क्यूंकि नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान किये बगैर विकसित देश बनने की सोचना भी मूर्खतापूर्ण होगा।

7. सरकारी बजट का 10% पैसा सीधे ग्राम पंचायतों को दिया जाएगा जिससे कि ग्रामों का विकास स्वावलंबी तरीके से हो सके।

8. ऐसे सभी कानूनों को निष्क्रिय करेंगे जिनसे समाज में ऊँच – नीच, अमीर – गरीब में भेदभाव बढ़ता है।

9. आरक्षण की व्यवस्था को लागू रखते हुए उसे आर्थिक आधार पर कर दिया जाएगा।

10. गरीबी रेखा की तरह ही अमीरी रेखा भी निर्धारित की जाएगी और आय से अधिक संपत्ति रखने वालों पर अकड़ी कार्यवाही होगी।

11. कृषि को उद्योगों का दर्जा दिया जाएगा।

12. चर्च, वक्फ और अन्य धर्मालय बनाकर जहाँ-जहाँ भूमि/संपत्तियों पर अवैध कब्ज़ा हो रखा है, उन सबको जब्त करके उन्हें जनहित में प्रयोग किया जाएगा।

13. जनसँख्या नियंत्रण क़ानून बनाया जाएगा l अगर ऐसा न किया गया तो भारत के भूमि पुत्र “वैदिक आर्य” (हिन्दू) अल्पसंख्यक हो जायेंगे।

14. जो व्यक्ति, समूह या समुदाय राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया जायगा उनके वोटिंग का अधिकार छीन लिया जाएगा।

15. “समानता का अधिकार” क़ानून लागु किया जाएगा, जिसके अनुसार हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर प्रदान किये जायेंगे।

16. हर भारतीय नागरिक को 60 साल की उम्र पार करने के बाद “वृद्धावस्था पेंशन” दे जाएगी।

17. पेंशन की राशि महँगाई और बाज़ार की स्थिति को ध्यान में रखकर निर्धारित की जाएगी जिससे कि वह वृद्ध नागरिक अपनी बची हुई ज़िन्दगी सम्मानित तरीके से व्यतीत कर सके।

18. अंग्रेजों के बनाये अधिकतर क़ानूनों को समाप्त कर ऐसे क़ानून बनाये जायेंगे जो हमारे भारतीय समाज के उपयुक्त और अनुसार होंगे।

19. हर युवक/युवतियों जो स्नातक तक की पढाई पूरी कर चुक हो उसको 6 माह की “अनिवार्य मिलिट्री ट्रेनिंग” पूरी करनी होगी जिससे उसके जीवन में शक्ति, सकरात्मक सोच और अनुशासन का विकास होगा।(विकलांगों के लिए यह अनिवार्य नहीं होगा।)

20. पुलिस प्रशासन से वह सारे कानूनी अधिकार छीन लिए जायेंगे जिनका दुरुपयोग करके घटिया चरित्र के अधिकारी आम नागरिक को परेशान करते हैं l केन्द्रीय सुरक्षा बलों की शक्ति और अधिकार बढ़ाये जायेंगे।

21. विदेशी चंदे पर फलते – फूलते कई प्रेस और मीडिया के संगठन जो एक षड्यंत्र की तरह झूठ और दुष्प्रचार फैलाते हैं उनके ऊपर कठोर नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।

22. “समान शिक्षा नीति” लागू की जाएगी जिसके तहत देश के हर बालक/बालिका को एक समान शिक्षा दी जाएगी l सभी का कोर्स एक समान होगा l धार्मिक संस्थानों पर पाबन्दी लगाई जाएगी।

23. आर्यन पार्टी का यह अभिन्न मत है कि वैदिक धर्म का एक – एक ववाक्य , एक – एक नियम मानवता के कल्याण के लिए हैं l अतः राष्ट्र का और उसकी सरकारों का यह प्रथम कर्तव्य है कि इस धर्मको सुरक्षित रखने के लिए जो कुछ भी करना पड़े, किया जाए।

“वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” पर आधारित यह वैदिक धर्म भारत की आत्मा है l हम वैदिक सनातन धर्म को भारत का “राज – धर्म” की कानूनी मान्यता प्रदान करेंगे तथा भारत को “वैदिक आर्य राष्ट्र” घोषित किया जाएगा।

• अन्य सम्प्रदायों को भी फलने – फूलने के मौके दिए जायेंगे।

• देश के सभी मंदिरों को सरकार द्वारा पंजीकृत किया जाएगा और उनके हित में कार्य किये जाते रहेंगे।

24. भारत में छोटे – बड़े उद्योगों का जाल बिछाया जाएगा।

25. अपने इन सभी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमे एक मजबूत केन्द्रीय सरकार की आवश्यकता होगी जिसके पास अथाह शक्ति हो l एक ऐसी मजबूत सरकार जिसका अपने राज्यों पर सम्पूर्ण नियंत्रण हो l हम सभी आर्यन पार्टी के सदस्य यह प्रण/शपथ लेते हैं कि इन लक्ष्यों की पूर्ती के लिए हम अपना बलिदान भी दे सकते हैं और शत्रु को बलिदान कट भी सकते हैं।

 

जय हिन्दूराष्ट्र