पार्टी का संविधान

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धारा-1 : पार्टी का पूरा नाम “राष्ट्रीय साम्यवादी आर्यन पार्टी” है लेकिन जन साधारण को बोलचाल में साधारण हेतु पार्टी को “आर्यन पार्टी” के नाम से संबोधित किया जा सकता है l

धारा-2 : पार्टी का ध्वज लाल और पीले रंग का होगा, जिस पर प्राचीन सनातन आर्य चिन्ह “ॐ” अंकित होगा l

धारा-3 : पार्टी का चुनाव चिन्ह वह होगा जो चुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आवंटित होगा l

धारा-4 : पार्टी ध्वज में कोई भी बदलाव तभी संभव है, जब पार्टी की केन्द्रीय समिति इसे 90% वोट द्वारा लागू करे l

धारा-5 : पार्टी की सदस्यता पार्टी के कार्यालय पर फॉर्म भरकर और सदस्यता शुल्क देकर ली जा सकती है  | जिला समिति सदस्यता फ़र्म में भरी गयी जानकारी को सत्यापित करने के उपरांत केन्द्रीय कार्यालय में जमा करवा देगी और सदस्य को सदस्यता–पत्र दिया जाएगा l

धारा-5.1 : पूर्ण सदस्यता प्राप्त होने के दस दिन के भीतर पार्टी कार्यकर्ता को उसका पहचान पत्र पार्टी द्वारा उपलब्ध करा दिया जाएगा l

धारा-5.2 : पार्टी का सदस्य बनने हेतु किसी व्यक्ति के आवेदन पत्र पर एक पार्टी सदस्य की सिफारिश होनी चाहिए l किसी सदस्य को भारती करने अथवा न करने का अधिकार उस क्षेत्र की क्षेत्रीय कमेटी के अधीन है l गरीब वर्ग, हर जाति तथा धर्म के लोग पार्टी सदस्य बनने के पात्र हैं l

धारा-5.3 : सदस्यता के प्रकार –

(अ) सहयोगी सदस्य – वह व्यक्ति जो 18 वर्ष के ऊपर की आयु प्राप्त कर चुका हो तथा धारा 4.1 तथा धारा 4.2 को स्वीकार करता हो तथा वार्षिक शुल्क अदा करता है l सदस्यता शुल्क मात्र 5 रु० होगा l

(आ) सक्रिय सदस्य – पार्टी अपने सक्रिय सदस्यों के दम पर ही अपना विस्तार करती है l कोई व्यक्ति जो 18 वर्ष के ऊपर की आयु प्राप्त कर चुका हो तथा धारा 4.1 तथा धारा 4.2 को स्वीकार करता हो एवम् वार्षिक शुल्क देता हो तथा कम से कम 20 सदस्यों का नामांकन प्रतिवर्ष कराएगा, वह सक्रिय सदस्य कहलाएगा l

यदि समयाभाव होने पर कोई सदस्य आर्थिक सहयोग करता रहेगा तो वह भी पार्टी का सक्रिय सदस्य माना जाएगा l
सदस्यता के वार्षिक लेवी 50/- रु० मात्र होगी l

धारा-5.4 : नवीनीकरण – उपरोक्त दोनों तरह की सदस्यता का नवीनीकरण सदस्यता शुल्क की अदायगी, नवीनीकरण फॉर्म भरने पर अथवा पार्टी की बैठकों में भाग लेने पर होगा l

धारा-5.5 : शुल्क वितरण – वार्षिक शुल्क जो प्राप्त होगा, उसका उपयोग सामान्यतः इस प्रकार होगा l प्राप्त धन को केंद्र समिति अपने विवेकानुसार अन्य समितियों में बांटेगी l

अखिल भारतीय केन्द्रीय समिति – 50%
राज्य समिति – 20%
जिला समिति – 15%
वित्त नियंत्रक समिति – 15%

उपरोक्त प्रतिशतों में केन्द्रीय समिति समय – समय पर बदलाव कर सकती है l प्राप्त राशि को केन्द्रीय कमेटी अपने विवेकानुसार खर्च कर सकती है l इसका लेखा – जोखा कोषाध्यक्ष के पास होगा l हर लेन – देन बैंक खतों के द्वारा ही किया जाएगा l